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Sukanya Samriddhi Yojana in Hindi : सुकन्या समृद्धि योजना 2017

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Essay on Sukanya Samriddhi Yojana in Hindi प्रधान मंत्री सुकन्या समृद्धि खाता योजना इन हिंदी 2017

Sukanya Samriddhi Account (literally Girl Child Prosperity Account) is a Government of India backed saving scheme targeted at the parents of girl children. The scheme encourages parents to build a fund for the future education and marriage expenses for their female child.

The scheme was launched by Prime Minister Narendra modi on 22 January 2015 as a part of the Beti Bachao, Beti Padhao campaign. The scheme currently provides an interest rate of 8.3% (for July 2017 to October 2017 ) and tax benefits. The account can be opened at any India Post office or branch of authorised commercial banks.

The scheme was launched by Prime Minister Narendra Modi on 22 January 2015 in Panipat, Haryana. The accounts can be opened at any India Post office or a branch of some authorised commercial banks. Initially, the interest rate was set at 9.1% but later revised to 9.2% in late March 2015 for FY2015-16. Interest Rate have been revised for FY 2016-17 to 8.6%.

The account can be opened anytime between the birth of a girl child and the time she attains 10 years age by the guardian. Only one account is allowed per child. Parents can open a maximum of two accounts for each of their children (exception allowed for twins and triplets). The account can be transferred to anywhere in India.

A minimum of ₹1,000 must be deposited in the account annually. The maximum deposit limit is ₹150,000. If the minimum deposit is not made in a year, a fine of ₹50 will be levied.

The girl can operate her account after she reaches the age of 10. The account allows 50% withdrawal at the age of 18 for higher education purposes. The account reaches maturity after time period of 21 years from date of opening it. Deposits are made for first 14 years, after this period the account will earn only applicable rate of interest.If the account is not closed, then it will not earn interest at the prevailing rate. If the girl is over 18 and married, normal closure is allowed.

सुकन्या समृद्धि योजना क्या है? What is Sukanya Samriddhi Yojana in Hindi

सुकन्‍या समृद्धि भारत की एक छोटी बचत योजना है, जिसके अंतर्गत माता-पिता या कानूनी अभिभावक कन्या के नाम से खाता खोल सकते हैं और उसका संचालन कन्या के 10 वर्ष की आयु होने तक कर सकते हैं। यह खाता किसी भी डाकखाने और निर्धारित सरकारी बैंकों में खोला जा सकता है।

अधिकृत बैंक

जो बैंक योजना के तहत खाता खोलने के लिए अधिकृत हैं उनमें भारतीय स्‍टेट बैंक, स्‍टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्‍टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्‍टेट बैंक ऑफ बीकानेर और जयपुर, स्‍टेट बैक ऑफ पटियाला, विजया बैक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, सिंडिकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इंडियन ओवसीज बैंक, इंडियन बैंक, आईडीबीआई बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, देना बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्‍सिस बैंक, आंध्रा बैंक और इलाहाबाद बैंक शामिल हैं।

ब्याज दर

योजना के तहत जमा की जाने वाली रकम पर वार्षिक 9.2 प्रतिशत ब्‍याज दिया जाएगा। यह बहुत आकर्षक ब्‍याज दर है। सरकार हर वर्ष ब्‍याज दर की समीक्षा करेगी और आम बजट के समय उसकी घोषणा की जाएगी। हर वर्ष जमा की जाने वाली रकम की न्‍यूनतम सीमा 1000 रुपये और अधिकतम सीमा एक लाख 50 हजार रुपये हैं। एक महीने में या एक वित्‍त वर्ष के दौरान रकम जमा करने की बारम्‍बारता की कोई सीमा नहीं है।

सुकन्या समृद्धि खाता योजना के लाभ- विशेषताएँ

खाते की वैधानिकता उसके खोले जाने की तारीख से लेकर 21 वर्ष की है, जिसके बाद रकम परिपक्‍व होकर उस लड़की को दे दी जाएगी जिसके नाम पर खाता है। यदि परिपक्‍वता के बाद खाता बंद नहीं किया जाता है तो बैलेंस रकम पर ब्‍याज मिलता रहेगा, जिसके बारे में समय-समय पर सूचना प्रदान की जाती रहेगी। यदि लड़की का विवाह 21 वर्ष पूरा होने के पहले हो जाता है तो खाता अपने-आप बंद हो जाएगा।

खाता खोलने की तारीख से 14 वर्ष तक रकम जमा की जाएगी। इसके बाद जमाशुदा रकम पर ब्‍याज मिलता रहेगा।

यदि न्‍यूनतम आवश्‍यक निर्धारित राशि एक हजार रुपये को माता-पिता या अभिभावक जमा नहीं करते हैं तो खाता सक्रिय नहीं माना जाएगा। इस स्थिति में खाते को प्रति वर्ष 50 रुपये पेनाल्‍टी के सथ दोबारा चालू किया जा सकता है, लेकिन न्‍यूनतम रकम भी जमा करनी होगी।

21 वर्ष की परिपक्‍वता अवधि पूरी होने के पहले खाताधारी लड़की रकम निकाल सकती है बशर्ते कि उसकी आयु 18 वर्ष की हो गई हो। इस स्थिति में वह कुल जमा राशि का 50 प्रतिशत ही निकाल पाएगी। इसके लिए यह जरूरी है कि निकाली जाने वाली रकम या तो उच्‍च शिक्षा प्राप्‍त करने के लिए हो या विवाह के लिए हो। यह भी उल्‍लेखनीय है कि रकम निकालने के समय खाते में कम से कम 14 वर्ष या उससे अधिक की जमा मौजूद हो।

माता-पिता या अभिभावक लड़की के नाम एक ही खाता खोल सकते हैं और दो लड़कियों के नाम अधिकतम दो खाते खोले जा सकते हैं। यदि पहले एक लड़की हो और उसके बाद जुड़वा लड़कियां पैदा हों या पहली बार में ही तीन लड़कियां पैदा हों तो ऐसी स्थिति में तीन लड़कियों के नाम से बैंक खाते खोले जा सकते हैं।

सुकन्‍या समृद्धि खाता कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें कर छूट प्रदान की जाती है। जमा की जाने वाली रकम और परिपक्‍व रकम को आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत पूरे कर छूट प्राप्‍त है।
परिपक्‍व होने के पहले खाता बंद करने की दूसरी शर्त यह है कि जब सक्षम अधिकारी यह सुनिश्चित हो जाएगा कि अब जमाकर्ता के लिए खाते में रकम जमा करना संभव नहीं है और रकम जमा करने में मुश्किल हो रही है तो खाता बंद किया जा सकता है। खाता बंद करने की और कोई तीसरी वजह नहीं मानी जाएगी।

खाता खोलना

खाता खोलने के लिए तीन दस्‍तावेजों की आवश्‍यकता है—

1. अस्‍पताल या सरकारी अधिकारी द्वारा प्रदान किया गया लड़की का जन्‍म प्रमाण पत्र

2. लड़की के माता-पिता या कानूनी अभिभावक के निवास का प्रमाण पत्र, जो पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली या टेलीफोन बिल, मतादाता पहचान पत्र, राशन कार्ड या भारत सरकार द्वारा प्रदत्‍त अन्‍य कोई भी प्रमाण पत्र जिसमें निवास का उल्‍लेख हो,

3. पैन कार्ड या हाईस्‍कूल प्रमाण पत्र भी खाता खोलने के लिए मान्‍य है। खाता खोले जाने के बाद उसे भारत में कहीं भी स्‍थानांतरित किया जा सकता है।

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