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Love Essay in Hindi : प्यार की कहानी & प्यार की परिभाषा, प्यार क्या होता है

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What is Love in Hindi? True Definition of Love in Hindi

Love encompasses a variety of different emotional and mental states, typically strongly and positively experienced, ranging from the deepest interpersonal affection to the simplest pleasure. An example of this range of meanings is that the love of a mother differs from the love of a spouse differs from the love of food. Most commonly, love refers to a feeling of strong attraction and personal attachment. Love can also be a virtue representing human kindness, compassion, and affection—”the unselfish loyal and benevolent concern for the good of another”. It may also describe compassionate and affectionate actions towards other humans, one’s self or animals.

Ancient Greek philosophers identified four forms of love: essentially, familial love (in Greek, storge), friendly love (philia), romantic love (eros), and divine love (agape). Modern authors have distinguished further varieties of love: infatuated love, self-love, and courtly love. Non-Western traditions have also distinguished variants or symbioses of these states. Love has additional religious or spiritual meaning. This diversity of uses and meanings combined with the complexity of the feelings involved makes love unusually difficult to consistently define, compared to other emotional states.

Love in its various forms acts as a major facilitator of interpersonal relationships and, owing to its central psychological importance, is one of the most common themes in the creative arts.

Love may be understood as a function to keep human beings together against menaces and to facilitate the continuation of the species.

सच्चा प्यार किसे कहते है? प्यार क्या है? प्यार की परिभाषा –

प्यार या प्रेम एक अहसास है। प्यार अनेक भावनाओं का, रवैयों का मिश्रण है जो पारस्परिक स्नेह से लेकर खुशी की ओर विस्तारित है। ये एक मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना है। ये किसी की दया, भावना और स्नेह प्रस्तुत करने का तरीका भी माना जा सकता है। खुद के प्रति, या किसी जानवर के प्रति, या किसी इन्सान के प्रति स्नेहपूर्वक कार्य करने या जताने को प्यार कह सकते हैं। कहते हैं कि अगर प्यार होता है तो हमारी ज़िन्दगी बदल जाती हैं।

प्राचीन ग्रीकों ने चार तरह के प्यार को पहचाना है: रिश्तेदारी, दोस्ती, रोमानी इच्छा और दिव्य प्रेम। प्यार को अक्सर वासना के साथ तुलना की जाती है और पारस्परिक संबध के तौर पर रोमानी अधिस्वर के साथ तोला जाता है, प्यार दोस्ती यानी पक्की दोस्ती से भी तोला जाता हैं। आम तौर पर प्यार एक एहसास है जो एक इन्सान दूसरे इन्सान के प्रति महसूस करता है।

प्यार के रूप

अवैयक्तिक प्यार

एक व्यक्ति किसी वस्तु, या तत्व, या लक्ष्य से प्यार कर सकता है जिनसे वो जुडा़ है या जिनकी वो कदर करता है। इनसान किसी वस्तु, जानवर या कार्य से भी प्यार कर सकता हैं जिसके साथ वो निजी जुड़ाव महसूस करता है और खुद को जुडे़ रखना चाहता है। अवैयक्तिक प्यार सामान्य प्यार जैसा नहीं है, ये इनसान के आत्मा का नज़रिया है जिससे दूसरों के प्रति एक शान्ति-पूर्वक मानसिक रवैया उत्पन्न होता है जो दया, संयम, माफी और अनुकंपा आदि भवनाओं से व्यक्त किया जाता है। अगर सामान्य वाक्य में कहा जाए तो अवैयक्तिक प्यार एक व्यक्ति के दूसरों के प्रति व्यवहार को कहा जाता हैं। इसिलिए, अवैयक्तिक प्यार एक वस्तु के प्रति इनसान के सोच के ऊपर आधारित होता है।

पारस्पारिक प्यार

मनुष्य के बीच के प्यार को पारस्पारिक प्यार कहते हैं। ये सिर्फ एक दूसरे के लिये चाह नहीं है बल्कि एक शक्तिशाली भाव है। जिस प्यार के भावनाओं को विनिमय नहीं किया जाता उसे अप्रतिदेय प्यार कहते हैं। ऐसा प्यार परिवार के सदस्यों, दोस्तों और प्रेमियों के बीच पाया जाता हैं। पारस्पारिक रिश्ता दो मनुष्य के साथ मज़बूत, गहरा और निकट सहयोग होता है। ये रिश्ता अनुमान, एकजुटता, नियमित व्यापार बातचीत या समाजिक प्रतिबद्धित कारणों से बनता है। ये समाजिक, सांस्कृतिक और अन्य कारक से प्रभावित हैं। ये प्रसंग परिवार, रिश्तेदारी, दोस्ती, शादी, सहकर्मी, काम, पड़ोसी और मन्दिर-मस्जिद के अनुसार बदलता है। इसे कानून के द्वारा या रिवाज़ और आपसी समझौते के द्वारा विनियमित किया जा सकता है। ये समाजिक समूहों और समाज का आधार है।

KYA HAI PYAR?

1. Koi Aapko Khas Lagne Lage
Agar aapko apna friend itna khas lagne ki aap uske liye khud ko badalne ko tayyar ho jaye . To aapko saccha pyar ho gaya hai . Aise situation me aap apne friend ke sath-sath uske jaise banane ki kosis karte ho .

2. Jhagda Pyar Ki Nisani Hai
Agar aap dono ke bich me bahut jhagada hota ho or aap hamesa bahas karte ho , or thik uske baad aap dono ke bich me sulah ho jata hai to samajh jaye ki aapki dosti pakki hai jo ki toote na tootagi . Or yahi nisani hai sacche pyar ki , jo ek dusre se jhagada karke bhi ek dusre ke bina nahi rah sakte .

3. Khud Ko Akela Mehsus Karna
Agar aapko unki absence bardast na hoti ho , aapko unki kami hesus ho , apko ajib sa mehsus ho jaise ki kuch chut gaya hai to samajh jayen ki aapko saccha pyar ho gaya hai . Jahir si baat hai hum usi ko sabse jyada miss karte hai jise hum sabse jyada like karte hai , or like larna hi to pyar ki buniyad hai .

4. Romantic Songs
Achanak aapko romantic song sunane ya fir gane ka maan kare or sath hi aapko unka chehra bhi najar aaye to samajh jayen ki aapko pyar ho gya hai . Aam tor pe ye dekha gya hai ki jab pyar hota hai to romantic songs kuch jyada hi pasand aate hai .

5. Buri Aadat Bhi Acchi Lagne Lage
Apke friend ki koi buri aadat ko bhi aap ignore kar rahe hai , ya fir unki koi buri aadat bhi aapko acchi lagne lage to jara gour farmaiye janab aapko pyar ho gya hai .

6. Kuch Bhi Karne Ko Tayyar
Aap apne friend ko itna accha mante ho ki uske liye kuch bhi karne ko tayyar ho jao . Aisi situation tab aati hai jab aapko pyar ho gya ho .. Koi apna kuch jyada hi apna lagne lagta hai jiske liye aap kuch bhi karne ko tayyar ho jate ho to samajh jaye ki you are in true love .

7. Akele Me Unki Yaad Aaye
Kabhi aapko aisa laga hai ki aap akele ho or unki bahut yaad aa rahi ho , road me akele chal rahe ho or unko miss kar rahe ho ya fir sone se pahle unko yaad karan , ye sabhi signal nahi ki aapko pyar ho gya hai .

8. Dukh Me Dukhi Hona
Aapka sathi dukhi ho , or unke dukh ko dekh aap bhi dukhi ho jate ho or hamesa unke dukh ko dur karne ki kosis karte ho to samajhe jaye ki aap unke bare me chinta kar rahe ho , jo ki pyar ki nisanai hai .

9. Unki Burai Sunana Pasand Nahi
Agar koi aapke friend ke bare me bura kahe or aap apne friend ki burai sun na sako , to samajh jaye ki you are in love . Kyoun ki aap unki burai nahi sun sakte sinse aap pyar karte ho .

10 . Unka Sath Pasand Ho
Kahi jana ho , jaise- picnic , movie dekhne , gumne ets to aap unka sath hi jyada prefer karte hai . Jahir si baat hai jab koi khas sath ho to akelapan mehsus nahi hota . Apko kahi akele jana pasand nahi aata or jana bhi chahe to aap apne best sathi ki sath jana pasand karte ho . To samajh jaye ki aapko unka sath pasand hai or aap unse pyar karne lage ho .

11. Wo Hamesa Sath Rahega
Aapko koi dar nahi ki aapka frend aapko chod dega ya fir aapko friendship toot jayege . Aapko pura yakin hota hai ki wo aapka sath kabhi nahi chodega , hamesa aako sath dega

प्यार की कहानी हिंदी में

मेरी सैड स्टोरी स्टार्ट होती है ऑगस्ट 2004 मे. मैं उस टाइम 9 मे पढ़ता था और 1 नॅशनल लेवेल एथलीट था. उस साल हमारे स्कूल मे बहुत सारे एडमिशन हुए जिनमे से 1 लड़की का नाम था सुनीता जो हमारे स्कूल की सबसे खूबसूरत लड़की थी. सारे लड़के उसके पीछे पहले दिन से ही पागल थे. पूरे स्कूल मे उसकी चर्चा होने लगी, तब तक मैने उसे सिर्फ़ 1 या 2 बार देखा था. ज्ब मैने उसे अगली बार देखा तो अपने दोस्तो से ब्स ऐसे ही मज़ाक मे कहा कि भाई बहुत मस्त है यार पट जाए तो लाइफ बन जाए . उसके बाद मैने कोई ध्यान नई दिया पर मेरे दोस्तो ने उस बात को काफ़ी सीरियस्ली ले लिया और सुनीता तक ये बात पहुच गई उसके कुछ दिनों बाद मेरे 1 दोस्त ने आ कर मुझसे कहा कि सुनीता तुम्हे बुला रही है.

1 सेकेंड के लिए मैं शॉक्ड हो गया और डर गया कि यार मैने तो कुछ किया भी नई फिर क्यू बुला रही है. तब मैं उससे मिलने गया लाइब्ररी मे वहां उसकी फ्रेंड्स और वो खड़ी थी.उनलोगो ने मुझे बताया कि वो मुझे लाइक करती है बट बोलने से डर रही है क्यूंकी मैं थोड़ा राउडी टाइप था. 1 सेकेंड के लिए मैं बिल्कुल शॉक्ड हो गया उसके बाद मैं वहां से चला गया. मैने उसकी 1 फ्रेंड से उसका नंबर लिया और शाम को घर पहुच क उसको कॉल किया. तब जा के पहली बार मेरी उस से बात हुई. दोनो बहुत घबराए हुए थे क्योंकि पहली बार एक दूसरे से बात कर रहे थे. उसके नेक्स्ट दिन ही मुझे ईस्ट ज़ोन का गेम खेलने कोलकाता जाना था. तो मैने सुबह उस से मिलने का प्लान किया उसे 6 बजे उसके बस स्टॉप पे उसका वेट करने लगा. कुछ देर क बाद वो आई तब उस से मिल क मैं कहां से चला गया…….

मैं बहुत खुश था और उधर कोलकाता मे मैने अंडर 16 ग्रूप मे 2 गोल्ड मेडेल और 1 सिल्वर मेडल क साथ चॅंपियन्षिप जीती. जब मैं वापस लौट क आया तो मैं सब से पहले उस से ही मिलना चाहता था और मैं सीधा स्कूल पहुच गया. उस से मिला और खूब सारी बातें हुए. उसके बाद टूशन क टाइम डेली मिलना और खूब मस्ती करना हमारा शेड्यूल बन गया… ह्म डेली ऐसा करते.. लाइफ बहुत सही कट रही थी… तभी ही अचानक मेरा एक्सीडेंट हो गया और मैं बहुत बुरी तरह घायल हो गया. उस आक्सिडेंट की वजह से मैं 10 महीने क लिए हॉस्पिटलाइज़्ड हो गया. और उन 10 महीनो मे मैं बैठ भी नहीं पाता था सिर्फ़ लेटा रहता था. इन 10 महीनो मे ह्म सिर्फ़ फोन पर बात करते थे और वो 1 बार मुझसे मिलने मेरे घर आई तब मैने उसे अपने पेरेंट्स से मिलवाया.

वो बहुत रो रही थी. मुझे बहुत बुरा लग रहा था. धीरे धीरे ये 10 महीने भी गुज़र गये और मैं ठीक हो गया. लेकिन इस आक्सिडेंट की वजह से मेरा पूरा चेहरा बिगड़ गया. तब मैं उस से मिलने उसके टूशन गया जहा मुझे देख क वो बहुत खुश हो गई. और ह्म लोग पहले की तरह फिर से रहने लगे. उसके बाद हमारी बोर्ड एग्ज़ॅम आ गई और ह्म पढ़ाई मे लग गये. एग्ज़ॅम ओवर होने क बाद ना स्कूल था ना टूशन तो मिलना बहुत मुश्किल हो गया और मैं हमेशा उसके मोहल्ले मे जाता था इस वजह से वहां क लोगो ने मुझे धमकाना स्टार्ट कर दिया और जब मैं अगली बार गया तो मुझे बहुत मारा.और वो वही खड़ी खड़ी रो रही थी. बट मैं हंस रहा थे ये सोच कर कि अगर मैने उसे शो किया कि मुझे ज्यादा मार पड़ी है तो उसे बहुत बुरा लगेगा. उसके बाद हुमारा रिज़ल्ट आया और मुझे 87% मार्क्स आए जिस वजह से मेरा एडमिशन जमशेदपुर मे हो गया पर उसके पेरेंट्स ने उसे आने नहीं दिया तो सिर्फ़ मैं जमशेदपुर आ गया और वो वही रह गई.. ह्म रोज़ फोन प्र बात करते थे. रोज़ कम से कम चार से पांच घंटे और ऐसे ही लाइफ गुज़र रही थी कि अचानक……

उसका फोन वेटिंग आना स्टार्ट हो गया, और बहुत देर देर तक बिज़ी रहने लगा उसका फोन और कारण पूछने पर बोलती कि कॉलेज की फ्रेंड से बात कर रही थी…. ऐसा 2-3 महीने तक चला उसके बाद मैने उस से मिलने का प्लान किया और मैं घर आ गया. और उसे बिना बताए उसके कॉलेज चला गया जहा मैने उसे 1 ऋषि नाम क लड़के क साथ किस करते हुए देखा. बट मैने कुछ नहीं कहा और मैं वहां से वापस आ गया . मैं बहुत रो रहा था और मुझे बहुत बुरा लग रहा था वो सीन याद कर कर के . तब शाम को मैने उसे फोन किया और बहुत प्यार से बात किया. उसे पता भी नहीं चलने दिया कि मैने उसे आज देखा है….. बट बात करते करते मैं अचानक बहुत ज़ोर से रोने लगा तब उसने पूछा कि क्या हुआ क्यू रो रहे हो….. कि मैने उसे पूरी बात बताई. तब तो उसने कुछ नई कहा बस चुप हो क फोन डिसकनेक्ट कर दिया.

अगले दिन फिर मैं कॉलेज गया और उस से मिला तो वो मेरे उपर चिल्लाने लगी ओर बोली कि तूने अपना चेहरा देखा है कभी, तुम्हे क्या लगता है कि मैं तेरे जैसे लड़के से प्यार करूँगी?? अपने औकात मे रह क लड़की पटानी चाहिए ….और बहुत कुछ बोली…. और मैं चुप चाप गर्दन झुका क रो रहा था…. और यही सोच रहा था कि यार क्या प्यार का मतलब् यही होता है? और अगर ये होता है तो मैं कभी किसी लड़की से प्यार नई करूँगा…. और मैने उसके सिर पर हाथ रखा और कहा कि सुनीता मैने हमेशा तुमसे प्यार किया है और हमेशा करता रहूँगा… तुम जहाँ भी और जिसके भी साथ रहो, हमेशा खुश रहना…. और वहां से चला आया…..

और उस दिन को बीते हुए 4 साल हो गये है लेकिन मैं आज भी उस से उतना ही प्यार करता हू और मेरे लाइफ मे कोई लड़की नहीं है…..

और लास्ट मे बस इतना ही कहूँगा कि ”तेरे जाने का असर कुछ ऐसा हुआ मुझ पर, कि तुझे ढूंढते ढूंढते मैने खुद को खो दिया”…….. Still Love You Dear____ |

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